Lucknow Sarojini nagar News: साइबर महिला चौपाल में दी गई जागरूकता की सीख, एसीपी ने बताए ठगी से बचाव के तरीके
लखनऊ से रिपोर्ट | Sainv Sandesh
राजधानी के सरोजनीनगर थाने में सोमवार को मिशन शक्ति अभियान के तहत “साइबर महिला चौपाल” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा और साईनव फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित हुआ। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, व्यापारी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
बढ़ते साइबर अपराधों पर किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान एसीपी ने लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर अनजान प्रोफाइल पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। किसी को भी पैसे भेजने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।
उन्होंने यह भी बताया कि साइबर ठग अक्सर केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने या पार्सल अटकने जैसी बातें कहकर लोगों को डराते हैं और जल्दबाजी में फैसले करवाते हैं। ऐसे संदेशों से सावधान रहने की जरूरत है।
क्यूआर कोड और ऐप्स से जुड़ी सावधानियां
एसीपी वर्मा ने क्यूआर कोड को लेकर खास चेतावनी देते हुए कहा कि इसे स्कैन करने से पैसा आने के बजाय खाते से जा सकता है, इसलिए अनजान क्यूआर कोड से दूर रहें।
साथ ही उन्होंने एनीडेस्क और टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के दुरुपयोग के बारे में भी बताया और कहा कि किसी अजनबी के कहने पर ऐसे ऐप डाउनलोड न करें।
व्यापारियों और छात्रों को दी खास सलाह
व्यापारियों को निर्देश दिया गया कि वे केवल पेमेंट के स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें, बल्कि भुगतान की पुष्टि अवश्य करें। वहीं छात्रों को नौकरी, स्कॉलरशिप और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
सभी लोगों को यह भी समझाया गया कि किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा न करें।
हेल्पलाइन और शिकायत की जानकारी
एसीपी ने बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक राजदेव राम प्रजापति, पुलिस स्टाफ और साईनव फाउंडेशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
संदेश:
डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी ठगी का कारण बन सकती है।
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