चांद नहीं दिखा, अब 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर; नमाज के समय और फित्रा तय

डेस्क रिपोर्ट | Sainv Sandesh

रमजान के अंतिम चरण में गुरुवार शाम चांद नजर नहीं आने के बाद शहर में इस बार ईद-उल-फितर 21 मार्च को मनाने का फैसला किया गया है। रूयते हिलाल कमेटी की पुष्टि के बाद शहर काजी ने घोषणा की कि इस बार 30 रोजे पूरे होंगे और शनिवार को ईद का त्योहार मनाया जाएगा।

29वें रोजे की शाम शहर के कई इलाकों में चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं से भी पुष्टि नहीं हो सकी। इसके चलते आधिकारिक तौर पर एक दिन बाद ईद मनाने का निर्णय लिया गया। गुरुवार को तरावीह की आखिरी नमाज अदा की गई, जबकि शुक्रवार को जुमातुल विदा मनाया जाएगा।


नमाज का समय तय, सुबह से रहेगी भीड़

ईद के दिन शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाज के समय निर्धारित कर दिए गए हैं:

  • ईदगाह – सुबह 7:30 बजे
  • जामा मस्जिद – सुबह 7:45 बजे
  • ताजुल मसाजिद – सुबह 8:00 बजे
  • मोती मस्जिद – सुबह 8:15 बजे
  • अन्य मस्जिदें – सुबह 8:30 बजे

प्रशासन और मस्जिद कमेटियों की ओर से नमाज के दौरान व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है।


फित्रा की रकम घोषित

इस बार फित्रा की न्यूनतम राशि लगभग 70 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है, जो गेहूं के हिसाब से निर्धारित है। वहीं जौ, खजूर और चांदी के आधार पर अधिकतम फित्रा करीब 1650 रुपये तक रखा गया है। लोगों से जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी की गई है।


सकलैनी जामा मस्जिद में दो जमात

अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद में भीड़ को ध्यान में रखते हुए हर साल की तरह इस बार भी दो बार नमाज अदा कराई जाएगी:

  • पहली जमात – सुबह 7:45 बजे
  • दूसरी जमात – सुबह 8:30 बजे

कमेटी ने बताया कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से नमाज पढ़ सकेंगे।


शिया समुदाय के लिए अलग समय

शिया मस्जिदों और इमामबाड़ों में नमाज का समय अलग-अलग रखा गया है। सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच विभिन्न स्थानों पर नमाज अदा की जाएगी, जिसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

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