Meningitis Alert: UK में दिमागी संक्रमण का खतरा बढ़ा, 2 छात्रों की मौत; जानिए कितना खतरनाक है मेनिनजाइटिस
लंदन
United Kingdom में खतरनाक संक्रमण Meningitis के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में सामने आए मामलों में दो युवाओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं।
सोशल इवेंट के बाद फैला संक्रमण
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सोशल गैदरिंग के बाद यह संक्रमण फैलना शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि कुछ छात्र बर्थडे पार्टी के लिए नाइट क्लब में इकट्ठा हुए थे, जिसके बाद धीरे-धीरे कई लोगों में बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे।
इस घटना में 17 और 21 साल के दो छात्रों की जान चली गई, जबकि कई अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य एजेंसी ने जारी किया अलर्ट
UK Health Security Agency (UKHSA) ने एहतियात के तौर पर करीब 30 हजार छात्रों और स्टाफ को अलर्ट किया है।
संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों को बचाव के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं।
क्या है मेनिनजाइटिस?
मेनिनजाइटिस एक गंभीर संक्रमण है, जिसमें दिमाग और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली झिल्लियों में सूजन आ जाती है। यह संक्रमण आमतौर पर वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है और कई मामलों में तेजी से जानलेवा साबित हो सकता है।
कितनी खतरनाक है यह बीमारी?
विशेषज्ञों के मुताबिक,
- बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस ज्यादा गंभीर होता है
- यह सेप्सिस (खून में संक्रमण) का कारण बन सकता है
- दिमाग पर असर पड़ने से याददाश्त, सुनने और देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है
शुरुआती लक्षण क्या हैं?
मेनिनजाइटिस के लक्षण अचानक सामने आ सकते हैं, जैसे:
- तेज बुखार
- गर्दन में अकड़न
- तेज सिरदर्द
- उल्टी और चक्कर
- तेज रोशनी से परेशानी
- शरीर पर चकत्ते
- भ्रम या दौरे
समय पर इलाज मिलने पर मरीज ठीक हो सकता है, लेकिन लापरवाही गंभीर खतरा बन सकती है।
कैसे फैलता है संक्रमण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी कई तरीकों से फैल सकती है:
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से
- दूषित भोजन या पानी से
- हवा के जरिए (फंगल संक्रमण)
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
- छोटे बच्चों और बुजुर्गों को
- कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को
- पहले से नाक-कान के संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को
सावधानी ही बचाव
डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच कराएं। समय पर इलाज ही इस खतरनाक बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

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