Lucknow Fire Case: विकास नगर अग्निकांड की जांच के आदेश, 13 मई तक मांगी गई रिपोर्ट
राजधानी लखनऊ के विकास नगर में हुए भीषण अग्निकांड मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया है।
कोर्ट के सख्त निर्देश
न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि—
- घटना के कारण, जिम्मेदारी और राहत कार्यों का पूरा ब्योरा पेश किया जाए
- सभी संबंधित अधिकारी 13 मई तक अपनी रिपोर्ट दाखिल करें
- जिलाधिकारी और नगर आयुक्त अलग-अलग शपथ पत्र (हलफनामा) प्रस्तुत करें
इसके साथ ही अदालत ने प्रदेश के राहत आयुक्त को भी स्वतंत्र रूप से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
उठे कई बड़े सवाल
अदालत ने प्रशासन से कड़े सवाल पूछे हैं—
- अगर जमीन PWD की थी तो उस पर वर्षों तक अतिक्रमण कैसे होता रहा?
- अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी?
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था है?
जनहित याचिका पर सुनवाई
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका अनुराग त्रिपाठी द्वारा दाखिल की गई थी।
याचिका में अग्निकांड से प्रभावित परिवारों के लिए—
- पुनर्वास
- इलाज
- राशन
- अस्थायी आवास
जैसी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 13 मई को तय की गई है। तब तक प्रशासन को पूरी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करनी होगी।
👉 इस मामले ने एक बार फिर शहरी इलाकों में अतिक्रमण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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