लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच हुई अहम बैठक ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संगठन से जुड़े लंबित मुद्दों, भविष्य की रणनीति और सरकार-संगठन के बीच तालमेल को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि पार्टी ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए कुछ अहम पदों पर बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े का रविवार को लखनऊ दौरा प्रस्तावित है। उनके आगमन के दौरान मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में संगठनात्मक बदलाव, विभिन्न मोर्चों में फेरबदल और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गहन मंथन हो सकता है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर कई नामों पर विचार किया जा रहा है। अंदरूनी बैठकों का दौर लगातार जारी है, जिससे संभावित बदलावों को लेकर कयास और तेज हो गए हैं। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद ही लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व फिलहाल अन्य राज्यों के चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त है, जिससे फैसलों में थोड़ी देरी हो सकती है। लेकिन मंजूरी मिलते ही संगठनात्मक बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में बड़े प्रशासनिक और संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसका असर आगामी चुनावी रणनीति पर भी पड़ेगा।
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