नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों के बाद अब सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल के नेता के चयन के लिए अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की घोषणा कर दी है।
बंगाल की कमान अमित शाह के हाथ
पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुनने की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपी गई है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।
पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि दोनों नेता मिलकर राज्य में एक मजबूत और सर्वमान्य नेतृत्व सामने लाएंगे।
असम में जेपी नड्डा को जिम्मेदारी
पूर्वोत्तर के अहम राज्य असम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
विधायकों से चर्चा के बाद होगा फैसला
दोनों राज्यों में ये वरिष्ठ नेता नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर उनकी राय जानेंगे। इसके बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि यह प्रक्रिया सहमति और संतुलन के साथ पूरी हो, ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।
राजनीतिक दृष्टि से अहम कदम
-
पश्चिम बंगाल में मजबूत संगठनात्मक पकड़ बनाने की कोशिश
-
असम में स्थिर नेतृत्व के जरिए सरकार गठन को अंतिम रूप
-
केंद्रीय नेतृत्व की सीधी निगरानी में निर्णय प्रक्रिया
इस कदम को भाजपा की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दोनों राज्यों में सरकार गठन का रास्ता साफ हो सके।
#AssemblyElections #BJP #AmitShah #JPNadda #Politics #SainvSandesh

Join the conversation