Ram Mandir News : राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: गिनती व्यवस्था पर उठे सवाल, ट्रस्ट से जुड़े कर्मियों की भूमिका जांच के घेरे में
अयोध्या। श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। शुरुआती पड़ताल में दानराशि की गिनती और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की रकम की गणना में लगे कुछ कर्मियों की नियुक्ति और उन पर निगरानी की प्रक्रिया में कई स्तरों पर खामियां थीं, जिनका फायदा उठाकर लंबे समय तक अनियमितताएं की गईं।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर में दानराशि की गिनती का कार्य एक आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से कराया जा रहा था। हालांकि, जिन लोगों को इस काम में लगाया गया, उनके चयन को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि गिनती से जुड़े कुछ कर्मियों का संबंध ट्रस्ट से जुड़े लोगों या उनके परिचितों से था, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चर्चा तेज हो गई है।
निगरानी और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, चढ़ावे की गिनती जैसे संवेदनशील कार्य में लगे कर्मियों के सत्यापन, निगरानी और नियमित जांच की व्यवस्था पर्याप्त मजबूत नहीं थी। आरोप है कि कई कर्मचारियों की न तो नियमित तलाशी ली जाती थी और न ही उनके कार्यों पर अपेक्षित स्तर की निगरानी रखी गई। इसी वजह से कथित तौर पर दानराशि में हेरफेर की घटनाएं लंबे समय तक सामने नहीं आ सकीं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच कैसे हुई अनियमितता?
राम मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती है, जहां आम श्रद्धालुओं की सघन जांच की जाती है। इसके बावजूद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यदि दानराशि में गड़बड़ी हुई तो वह सुरक्षा व्यवस्था की नजरों से कैसे बची। माना जा रहा है कि अधिकृत पहचान पत्रों के कारण कुछ कर्मचारियों को परिसर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच प्राप्त थी, जिसका दुरुपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
कम वेतन वाले कर्मचारियों के पास मिली बड़ी रकम
जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे कथित तौर पर अपेक्षाकृत कम वेतन पर कार्यरत थे। ऐसे में उनके पास बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जांच एजेंसियां धन के स्रोत और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
विस्तृत जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां दानराशि की गिनती, निगरानी व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया तथा संभावित वित्तीय अनियमितताओं के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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