Uttar Pradesh News: यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई, आजमगढ़ से संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़ा युवक गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ जिले से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी कथित रूप से पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर नेटवर्क और आईएसआई से जुड़े लोगों के संपर्क में था तथा देश विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
एटीएस के मुताबिक आरोपी को खुफिया इनपुट और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर पकड़ा गया। उसके कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मामले में विधिक कार्रवाई करते हुए उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बनाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित तौर पर विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था। आरोप है कि उसे धार्मिक भावनाओं को भड़काकर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और स्लीपर सेल नेटवर्क मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के तार पाकिस्तान और विदेश में बैठे कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़े होने की आशंका है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
महिला राजनीतिक नेता को धमकी देने की साजिश की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को कथित तौर पर एक अन्य राज्य की महिला राजनीतिक नेता को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि इसके लिए किस स्तर पर तैयारी की गई थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच
एटीएस का मानना है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। इसी कारण विभिन्न राज्यों में सक्रिय संभावित संपर्कों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
एटीएस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब उसे रिमांड पर लेकर विदेशी संपर्कों, कथित स्लीपर सेल नेटवर्क और अन्य संदिग्ध सहयोगियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही हैं और आधिकारिक जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कह रही हैं।
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