Lucknow News: लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, 119 लोग हिरासत में; अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 119 लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों को खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराता था और डिजिटल माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर मंगलवार रात शहर की समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर संचालित एक कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 27 युवतियों और 92 युवकों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश लोग पूर्वोत्तर राज्यों के निवासी हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरोह कथित तौर पर विशेष ऑनलाइन एप और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों से ठगी करता था। शुरुआती जांच में करीब 250 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क का संचालन कर रहे अहमदाबाद निवासी ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार से पूछताछ की जा रही है। साइबर थाना और साइबर क्राइम सेल की टीमें पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
रात में चलता था कॉल सेंटर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कॉल सेंटर मुख्य रूप से रात के समय संचालित किया जाता था। आरोपियों पर विदेशी नागरिकों को सरकारी जांच एजेंसियों के नाम पर झांसा देकर डराने और उनसे धनराशि वसूलने का आरोप है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि कथित ठगी की रकम पहले विदेशी बैंक खातों में भेजी जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर नेटवर्क के सदस्यों के बीच बांटा जाता था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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