UP: ‘पापा, मुझे माफ करना...’ गोल्ड मेडलिस्ट छात्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में छलका सरकारी नौकरी न मिलने का दर्द
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। राज्यपाल से सम्मानित बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट छात्र आनंद कुमार (23) ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से सरकारी नौकरी न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपने पिता से माफी मांगते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
घर में अकेले थे आनंद
गोविंदनगर थाना क्षेत्र के गुजैनी जे-ब्लॉक निवासी आनंद कुमार के पिता राजकुमार गुप्ता अपने बड़े बेटे की शादी के लिए लड़की देखने बिहार गए हुए थे। घर में आनंद अकेले थे। शुक्रवार शाम जब नौकरानी घर पहुंची तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई, जहां आनंद का शव फंदे से लटका मिला।
सुसाइड नोट में पिता से मांगी माफी
पुलिस को कमरे से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला है। थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे के अनुसार, नोट में आनंद ने सरकारी नौकरी न मिलने से निराशा व्यक्त करते हुए खुद को असफल बताया और अपने पिता से माफी मांगी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
राज्यपाल से मिला था गोल्ड मेडल
आनंद ने वर्ष 2024 में पीएसआईटी कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 13 अगस्त 2024 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान भी हासिल किया था।
सरकारी नौकरी का था सपना
परिजनों के अनुसार, आनंद का सपना सरकारी नौकरी हासिल करना था। उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई। इसी कारण वह पिछले कुछ समय से तनाव में थे। उन्होंने एक निजी कंपनी में अप्रेंटिस भी की थी, लेकिन उनका लक्ष्य सरकारी सेवा में जाना था।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। फिलहाल मौके से मिले सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
— साईनव संदेश | उत्तर प्रदेश
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