महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य, 15 अगस्त तक मिली छूट
मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालक मराठी सीखने की कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। चालकों को 15 अगस्त तक मराठी सीखने की छूट दी गई है, जबकि 17 अगस्त से नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने की बात कही गई है।
हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिक्षण अभियान के तहत एक मई से गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी बोलने और समझने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्षेत्रीय परिवहन विभाग, मुंबई मराठी साहित्य संघ, राज्य मराठी विकास संस्था और कोकण मराठी साहित्य परिषद के शिक्षक चालकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह अभियान मुंबई महानगर क्षेत्र के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र में चलाया जा रहा है।
यूपी और बिहार के बड़ी संख्या में चालक ले रहे प्रशिक्षण
प्रशिक्षण लेने वाले चालकों में बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की है। इनमें से कई चालक वर्षों से मुंबई में ऑटो और टैक्सी चला रहे हैं और बातचीत के स्तर पर टूटी-फूटी मराठी भी जानते हैं। अब उन्हें मराठी पढ़ने, बोलने और समझने का व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना जरूरी किया गया है।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि चालकों को मराठी सीखनी होगी और 17 अगस्त के बाद नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
1.35 लाख आवेदन, 1.10 लाख चालक प्रशिक्षित
आंकड़ों के अनुसार मुंबई में करीब तीन से साढ़े चार लाख ऑटो रिक्शा और लगभग 60 हजार काली-पीली टैक्सियां हैं। ऑटो और टैक्सियां दो शिफ्ट में चलने के कारण चालकों की संख्या इससे अधिक है।
रविवार तक मराठी सीखने के लिए करीब 1.35 लाख आवेदन प्राप्त हो चुके थे। इनमें से लगभग 1.10 लाख चालक प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। प्रशिक्षण के बाद चालकों की परीक्षा भी ली जा रही है। ज्यादातर चालक परीक्षा में सफल हो रहे हैं, लेकिन असफल होने वाले चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की चिंता भी जताई जा रही है।
भाजपा ने शुरू की मराठी पाठशाला
मुंबई भाजपा के उत्तर भारतीय मोर्चा ने मुंबई पब्लिक स्कूल में बड़ी मराठी पाठशाला शुरू की है। पिछले तीन दिनों में इस पाठशाला में करीब 10 हजार से अधिक ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी बोलने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के मुताबिक, यह पहल सिर्फ मराठी सिखाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संगठन ऑटो और टैक्सी चालकों के साथ भी खड़ा रहेगा।
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