दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: मातम के बीच छात्रों ने बढ़ाया मदद का हाथ, गुरुद्वारे का लंगर बना सहारा!
बाजार बंद होने से खाने-पीने की दिक्कत, बेघर छात्रों को साथियों ने अपने कमरों में दी जगह; वालंटियर भी राहत कार्य में जुटे
नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने के हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और मातम का माहौल है। सुरक्षा कारणों से आसपास के बाजार बंद होने के चलते खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। ऐसे मुश्किल समय में छात्रों ने एक-दूसरे का सहारा बनकर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है।
सुरक्षा कारणों से जिन पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों को खाली कराया जा रहा है, वहां रहने वाले बेघर छात्रों को उनके साथी अपने कमरों में जगह दे रहे हैं। छात्र जरूरतमंद साथियों को रहने के साथ-साथ भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने में भी मदद कर रहे हैं।
गुरुद्वारे का लंगर बना बड़ी राहत
इलाके का गुरुद्वारा भी छात्रों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बन गया है। बाजार बंद होने के कारण भोजन की परेशानी का सामना कर रहे छात्र गुरुद्वारे पहुंचकर निशुल्क लंगर ग्रहण कर रहे हैं।
इसके अलावा कांग्रेस सेवा दल और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्र वालंटियर समूह भी राहत कार्यों में जुटे हैं। वालंटियर छात्रों को भोजन के पैकेट और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत कार्यों में भी सहयोग किया जा रहा है।
अपनी मांगों को लेकर भी छात्रों में चिंता
हादसे के बाद राहत कार्यों के साथ छात्रों को अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर भी चिंता है। छात्रों का कहना है कि राजनीतिक दलों और नेताओं की सक्रियता के बीच उनकी वास्तविक समस्याएं कहीं पीछे नहीं छूटनी चाहिए।
छात्रों की प्रमुख प्राथमिकताओं में घायलों का बेहतर इलाज, उचित मुआवजा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था शामिल है। डीयू के विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे छात्रों ने छात्रावास उपलब्ध कराने और किराया नियंत्रण जैसी मांगों को भी गंभीरता से उठाने की बात कही है।
सोशल मीडिया के जरिए मदद की अपील
छात्र राहत कार्यों के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए अपील की जा रही है। इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया मंचों पर भी छात्र राहत कार्यों के साथ अपनी मांगों को मजबूती से उठाने में जुटे हैं।
इस मुश्किल दौर में छात्रों, वालंटियर समूहों और गुरुद्वारे की ओर से मिल रहा सहयोग प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।
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