बहराइच में AISECT कौशल विकास यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, छात्रों को AI की ट्रेनिंग |
बहराइच। AISECT की राष्ट्रव्यापी ‘कौशल विकास यात्रा 2026’ का दूसरा पड़ाव मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), बहराइच में संपन्न हुआ। यात्रा का नेतृत्व AISECT के रीजनल मैनेजर अमित पांडेय और BDE अनूप मिश्रा कर रहे हैं।
कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज के उप प्रधानाचार्य उपेंद्र पांडेय, गणित विभाग के नागेश मिश्रा और आईटी ट्रेनर अभिषेक शुक्ला विशेष रूप से मौजूद रहे।
छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दी जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान रीजनल मैनेजर अमित पांडेय ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग और भविष्य में इसके रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक AI टूल्स जैसे Gamma Tool और Perplexity के व्यावहारिक इस्तेमाल के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया।
सेमिनार के दौरान छात्रों ने AISECT के AISECT Learn और SGSU Certification Courses में विशेष रुचि दिखाई। विद्यार्थियों ने AI जागरूकता और विभिन्न पाठ्यक्रमों से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका प्रशिक्षकों ने जवाब दिया।
विद्यार्थियों को वितरित किए गए पाठ्यक्रम संबंधी पर्चे
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों से संबंधित लीफलेट वितरित किए गए। वहीं, AISECT के विभिन्न वर्टिकल्स की जानकारी वाले ब्रोशर और संस्थान की सफलता की कहानियों से संबंधित सामग्री राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सौंपी गई।
GIC के उप प्रधानाचार्य उपेंद्र पांडेय ने नई शिक्षा नीति (NEP) के संदर्भ में इस पहल की उपयोगिता और व्यावहारिक महत्व की सराहना की। उन्होंने AISECT के संस्थापक डॉ. संतोष चौबे की इस पहल को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
युवाओं को नई तकनीक से जोड़ना उद्देश्य
AISECT के अनुसार, ‘कौशल विकास यात्रा 2026’ का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें भविष्य के कौशल से दक्ष बनाकर रोजगार के लिए तैयार करना है। विशेष रूप से AI जैसे उभरते क्षेत्रों में विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से जागरूक और प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है।
यह अभियान गांवों से लेकर शहरों तक पहुंचकर डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास का संदेश दे रहा है। AISECT की इस पहल को उसके संस्थापक डॉ. संतोष चौबे की ‘From Skill to Career’ की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
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